श्रीमद् भागवतम
 
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भागवत पुराण  »  स्कन्ध 1: सृष्टि  »  अध्याय 14: भगवान् श्रीकृष्ण का अन्तर्धान होना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक
गता: सप्ताधुना मासा भीमसेन तवानुज: ।
नायाति कस्य वा हेतोर्नाहं वेदेदमञ्जसा ॥ ७ ॥
 
शब्दार्थ
गता:—बीत चुके; सप्त—सात; अधुना—इस समय तक; मासा:—महीने; भीमसेन—हे भीमसेन; तव—तुम्हारा; अनुज:— छोटा भाई; न—नहीं; आयाति—आता है; कस्य—किसलिए; वा—अथवा; हेतो:—कारण; न—नहीं; अहम्—मैं; वेद— जानता हूँ; इदम्—यह; अञ्जसा—वास्तव में ।.
 
अनुवाद
 
 जब से वह गया है, तब से सात मास बीत चुके हैं, फिर भी वह लौटा नहीं। मुझे ठीक से पता नहीं है कि वहाँ क्या हो रहा है।
 
 
 
All glories to saints and sages of the Supreme Lord.
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥