श्रीमद् भागवतम
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भागवत पुराण  »  स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग  »  अध्याय 13: श्रीमद्भागवत की महिमा  »  श्लोक 16

 
श्लोक
निम्नगानां यथा गङ्गा देवानामच्युतो यथा ।
वैष्णवानां यथा शम्भु: पुराणानामिदं तथा ॥ १६ ॥
 
शब्दार्थ
निम्न-गानाम्—समुद्र की ओर बह कर जाने वाली नदियों का; यथा—जिस तरह; गङ्गा—गंगा नदी; देवानाम्—समस्त देवों में; अच्युत:—अच्युत भगवान्; यथा—जिस तरह; वैष्णवानाम्—भगवान् विष्णु के भक्तों में; यथा—जिस तरह; शम्भु:—शिव; पुराणानाम्—पुराणों में; इदम्—यह; तथा—उसी प्रकार से ।.
 
अनुवाद
 
 जिस तह गंगा समुद्र की ओर बहने वाली समस्त नदियों में सबसे बड़ी है, भगवान् अच्युत देवों में सर्वोच्च हैं और भगवान् शम्भु (शिव) वैष्णवों में सबसे बड़े हैं, उसी तरह श्रीमद्भागवत समस्त पुराणों में सर्वोपरि है।
 
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All glories to saints and sages of the Supreme Lord
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥