श्रीमद् भागवतम
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भागवत पुराण  »  स्कन्ध 3: यथास्थिति  »  अध्याय 14: संध्या समय दिति का गर्भ-धारण  »  श्लोक 7

 
श्लोक
अथात्रापीतिहासोऽयं श्रुतो मे वर्णित: पुरा ।
ब्रह्मणा देवदेवेन देवानामनुपृच्छताम् ॥ ७ ॥
 
शब्दार्थ
अथ—अब; अत्र—इस विषय में; अपि—भी; इतिहास:—इतिहास; अयम्—यह; श्रुत:—सुना हुआ; मे—मेरे द्वारा; वर्णित:— वर्णित; पुरा—वर्षों बीते; ब्रह्मणा—ब्रह्मा द्वारा; देव-देवेन—देवताओं में अग्रणी; देवानाम्—देवताओं द्वारा; अनुपृच्छताम्— पूछने पर ।.
 
अनुवाद
 
 वराह रूप भगवान् तथा हिरण्याक्ष असुर के मध्य युद्ध का यह इतिहास मैंने बहुत वर्षों पूर्व तब सुना था जब यह देवताओं के अग्रणी ब्रह्मा द्वारा अन्य देवताओं के पूछे जाने पर वर्णन किया गया था।
 
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All glories to saints and sages of the Supreme Lord
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥