श्रीमद् भागवतम
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भागवत पुराण  »  स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य  »  अध्याय 6: दक्ष की कन्याओं का वंश  »  श्लोक 12

 
श्लोक
प्राणस्योर्जस्वती भार्या सह आयु: पुरोजव: ।
ध्रुवस्य भार्या धरणिरसूत विविधा: पुर: ॥ १२ ॥
 
शब्दार्थ
प्राणस्य—प्राण की; ऊर्जस्वती—ऊर्जस्वती; भार्या—पत्नी; सह:—सह; आयु:—आयुस्; पुरोजव:—पुरोजव; ध्रुवस्य— ध्रुव की; भार्या—पत्नी; धरणि:—धरणि; असूत—उत्पन्न किया; विविधा:—अनेक; पुर:—नगर ।.
 
अनुवाद
 
 प्राण की पत्नी ऊर्जस्वती के गर्भ से सह, आयुस तथा पुरोजव नामक तीन पुत्र उत्पन्न हुए। ध्रुव की पत्नी का नाम धरणी था जिसके गर्भ से विभिन्न नगरों की उत्पत्ति हुई।
 
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All glories to saints and sages of the Supreme Lord
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥