श्रीमद् भागवतम
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भागवत पुराण  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 21: भगवान् द्वारा बलि महाराज को बन्दी बनाया जाना  »  श्लोक 8

 
श्लोक
जाम्बवानृक्षराजस्तु भेरीशब्दैर्मनोजव: ।
विजयं दिक्षु सर्वासु महोत्सवमघोषयत् ॥ ८ ॥
 
शब्दार्थ
जाम्बवान्—जाम्बवान ने; ऋक्ष-राज: तु—रीछों के राजा; भेरी-शब्दै:—बिगुल बजाकर; मन:-जव:—मनमौज में; विजयम्— विजय, जीत; दिक्षु—सारी दिशाओं में; सर्वासु—सर्वत्र; महा-उत्सवम्—महोत्सव; अघोषयत्—घोषित कर दिया ।.
 
अनुवाद
 
 रीछों के राजा जाम्बवान भी इस उत्सव में सम्मिलित हो गये। उन्होंने सारी दिशाओं में बिगुल बजाकर भगवान् वामनदेव की विजय का महोत्सव घोषित कर दिया।
 
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All glories to saints and sages of the Supreme Lord
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥