श्रीमद् भागवतम
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भागवत पुराण  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 12: भगवान् रामचन्द्र के पुत्र कुश की वंशावली  »  श्लोक 11

 
श्लोक
सहदेवस्ततो वीरो बृहदश्वोऽथ भानुमान् ।
प्रतीकाश्वो भानुमत: सुप्रतीकोऽथ तत्सुत: ॥ ११ ॥
 
शब्दार्थ
सहदेव:—सहदेव; तत:—दिवाक से; वीर:—वीर पुरुष; बृहदश्व:—बृहदश्व; अथ—उससे; भानुमान्—भानुमान; प्रतीकाश्व:— प्रतीकाश्व; भानुमत:—भानुमान से; सुप्रतीक:—सुप्रतीक; अथ—तत्पश्चात्; तत्-सुत:—प्रतीकाश्व का पुत्र ।.
 
अनुवाद
 
 तत्पश्चात् दिवाक का पुत्र सहदेव होगा और उसका पुत्र महान् वीर बृहदाश्व होगा। बृहदाश्व से भानुमान होगा जिससे प्रतीकाश्व नाम का पुत्र होगा। प्रतीकाश्व का पुत्र सुप्रतीक होगा।
 
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All glories to saints and sages of the Supreme Lord
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥