श्रीमद् भागवतम
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भागवत पुराण  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 17: पुरूरवा के पुत्रों की वंशावली  »  श्लोक 8

 
श्लोक
अलर्कात्सन्ततिस्तस्मात् सुनीथोऽथ निकेतन: ।
धर्मकेतु: सुतस्तस्मात् सत्यकेतुरजायत ॥ ८ ॥
 
शब्दार्थ
अलर्कात्—अलर्क से; सन्तति:—सन्तति; तस्मात्—उससे; सुनीथ:—सुनीथ; अथ—उससे; निकेतन:—निकेतन; धर्मकेतु:— धर्मकेतु; सुत:—पुत्र; तस्मात्—तथा धर्मकेतु से; सत्यकेतु:—सत्यकेतु; अजायत—उत्पन्न हुआ ।.
 
अनुवाद
 
 अलर्क से सन्तति नामक पुत्र उत्पन्न हुआ जिसका पुत्र सुनीथ हुआ। सुनीथ का पुत्र निकेतन था। निकेतन का पुत्र धर्मकेतु हुआ और धर्मकेतु का पुत्र सत्यकेतु था।
 
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All glories to saints and sages of the Supreme Lord
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥