श्रीमद् भागवतम
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भागवत पुराण  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 21: भरत का वंश  »  श्लोक 22

 
श्लोक
अजमीढाद् बृहदिषुस्तस्य पुत्रो बृहद्धनु: ।
बृहत्कायस्ततस्तस्य पुत्र आसीज्जयद्रथ: ॥ २२ ॥
 
शब्दार्थ
अजमीढात्—अजमीढ से; बृहदिषु:—बृहदिषु नामक पुत्र; तस्य—उसका; पुत्र:—पुत्र; बृहद्धनु:—बृहद्धनु; बृहत्काय:—बृहत्काय; तत:—तत्पश्चात्; तस्य—उसका; पुत्र:—पुत्र; आसीत्—था; जयद्रथ:—जयद्रथ ।.
 
अनुवाद
 
 अजमीढ का पुत्र बृहदिषु था, बृहदिषु का पुत्र बृहद्धनु था, बृहद्धनु का पुत्र बृहत्काय था और बृहत्काय से जयद्रथ नामक पुत्र हुआ।
 
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All glories to saints and sages of the Supreme Lord
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥