श्रीमद् भागवतम
शब्द आकार

भागवत पुराण  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 23: ययाति के पुत्रों की वंशावली  »  श्लोक 2

 
श्लोक
जनमेजयस्तस्य पुत्रो महाशालो महामना: ।
उशीनरस्तितिक्षुश्च महामनस आत्मजौ ॥ २ ॥
 
शब्दार्थ
जनमेजय:—जनमेजय; तस्य—उसका; पुत्र:—पुत्र; महाशाल:—महाशाल; महामना:—महामना; उशीनर:—उशीनर; तितिक्षु:— तितिक्षु; च—तथा; महामनस:—महामना से; आत्मजौ—दो पुत्र ।.
 
अनुवाद
 
 सृञ्जय का पुत्र जनमेजय हुआ, जनमेजय का पुत्र महाशाल, महाशाल का पुत्र महामना और महामना के दो पुत्र उशीनर तथा तितिक्षु हुए।
 
____________________________
 
All glories to saints and sages of the Supreme Lord
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥