श्रीमद् भागवतम
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भागवत पुराण  »  स्कन्ध 9: मुक्ति  »  अध्याय 23: ययाति के पुत्रों की वंशावली  »  श्लोक 27

 
श्लोक
तस्य पुत्रसहस्रेषु पञ्चैवोर्वरिता मृधे ।
जयध्वज: शूरसेनो वृषभो मधुरूर्जित: ॥ २७ ॥
 
शब्दार्थ
तस्य—उसके (कार्तवीर्यार्जुन के); पुत्र-सहस्रेषु—एक हजार पुत्रों में; पञ्च—पाँच; एव—केवल; उर्वरिता:—जीवित रहे; मृधे— (परशुराम के साथ हुए) युद्ध में; जयध्वज:—जयध्वज; शूरसेन:—शूरसेन; वृषभ:—वृषभ; मधु:—मधु; ऊर्जित:—तथा ऊर्जित ।.
 
अनुवाद
 
 कार्तवीर्यार्जुन के एक हजार पुत्रों में से परशुराम से युद्ध करने के बाद केवल पाँच पुत्र जीवित बचे। उनके नाम थे जयध्वज, शूरसेन, वृषभ, मधु तथा ऊर्जित।
 
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All glories to saints and sages of the Supreme Lord
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥